Pollution after DiwaliPollution after Diwali

नई दिल्लीः भारत के कई शहरों में प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता पिछले दो सप्ताह से काफी खराब रही है, लेकिन दिवाली की आतिशबाजी के बाद स्थिति और भी बदतर हो गई है। आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं और उत्सर्जन के कारण विभिन्न राज्यों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। Pollution after diwal

Pollution after diwal: दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता बहुत खराब होने के साथ ही शहर के डॉक्टरों ने सांस की तकलीफ, गले में चुभन और लगातार खांसी जैसी सांस की समस्याओं की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। रोगियों में बच्चों की संख्या ज्यादा रही है। डॉक्टरों की राय है कि बच्चों को इस जानलेवा प्रदूषण से बचा के रखें।

Pollution after Diwali : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही आर्थिक राजधानी मुंबई समेत भारत भर के कई शहर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में गंगा के मैदानी इलाकों के विभिन्न शहरों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ से ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई।

इस क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में वाहन उत्सर्जन के साथ-साथ पराली जलाने का मुख्य योगदान रहा है। सुबह 6.30 बजे तक सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले शीर्ष 10 शहरों में से 2 हरियाणा में, 3 उत्तर प्रदेश में, 2 बिहार में, एक पंजाब में, एक राजस्थान में और एक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में था। 9 शहरों में आज एक्यूआई का स्तर ‘गंभीर’ दर्ज किया गया।

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13 नवंबर को 242 शहरों के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, किसी भी शहर में ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता दर्ज नहीं की गई, 53 शहरों में ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, 85 शहरों में ‘खराब’ वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। इनमें से 75 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ दर्ज की गई, जबकि 242 में से केवल 32 शहर ही ‘संतोषजनक’ से ‘अच्छे’ की श्रेणी में थे।

CPCB के आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह 6.30 बजे 423 एक्यूआई के साथ उत्तर प्रदेश के भागवत को सबसे प्रदूषित शहर होने का खिताब मिला है। इसके बाद हरियाणा का गुरुग्राम है जिसका एक्यूआई् 400 रहा। इन दोनों शहरों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ दर्ज की गई।

सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची आज ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गई, इनमें दिल्ली शामिल है जिसका एक्यूआई 384 था, उत्तर प्रदेश का मेरठ जिसका एक्यूआई 384 था, उत्तर प्रदेश का नोएडा शामिल है जिसका एक्यूआई 384 था। पंजाब के बठिंडा में एक्यूआई 381, राजस्थान के भरतपुर में एक्यूआई 374, बिहार के बेगसराय में एक्यूआई 371, बिहार के छपरा में एक्यूआई 367, हरियाणा के रोहतक में एक्यूआई 366 रहा।

प्रदूषण के उच्च और गंभीर स्तर का सामना करने वाले अन्य शहरों में राजस्थान का हनुमानगढ़, जिसका एक्यूआई 364 था, राजस्थान का भिवाड़ी, जिसका एक्यूआई 363 था, हरियाणा का धारूहेड़ा, जिसका एक्यूआई 363 था, उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद, जिसका एक्यूआई 363 था। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 359, बिहार के सीवान में एक्यूआई 358, हरियाणा के हिसार में 356, ओडिशा के अंगुल में एक्यूआई 355, हरियाणा के बल्लभगढ़ में एक्यूआई् 352, हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक्यूआई 347, हरियाणा के जिंद में एक्यूआई 337, बिहार के पूर्णिया में एक्यूआई 337, हरियाणा के मानेसर में एक्यूआई 331 रहा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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