Delhi PollutionDelhi Pollution
Delhi Pollution: दिल्ली भर में विभिन्न स्थानों पर सुबह 10 बजे वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। सबसे खराब वायु गुणवत्ता अशोक विहार में दर्ज की गई, जहां AQI 454 थी।

नई दिल्ली: आज जब दिल्लीवालों की नींद खुली तब उन्होंने अपने को धुंध की मोटी परत से घिरा पाया, जो प्रदूषण के कारण थी। इस धुंध ने पुरे दिल्ली-एनसीआर को अपनी चपेट में ले रखा है। इस धुंध के साथ तापमान गिरा है और ठंड की शुरुआत भी हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता 400 एक्यूआई के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।

दिल्ली भर में विभिन्न स्थानों पर सुबह 10 बजे वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। सबसे खराब वायु गुणवत्ता अशोक विहार में दर्ज की गई, जहां AQI 454 थी। गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज करने वाले अन्य स्थानों में 445 AQI के साथ मुंडका, 448 AQI के साथ सोनिया विहार, 438 AQI के साथ ITO, 436 AQI के साथ पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी शामिल हैं। AQI 434, रोहिणी 431, नेहरू नगर 429 AQI, नॉर्थ कैंपस 420 AQI, आरके पुरम 420 AQI, बुराड़ी क्रॉसिंग 404 AQI, DTU 403 AQI और द्वारका 403 AQI।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास के स्थानों में भी उच्च प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया, जिसमें नोएडा भी शामिल है, जिसका AQI 338 था, ग्रेटर नोएडा में AQI 351 था, गाजियाबाद में AQI 307 था, फ़रीदाबाद में AQI 381 था और गुरुग्राम में AQI 313 था।

स्थानीय निवासी डॉ. आरके शर्मा ने एएनआई को बताया, ‘दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बदतर है, जिससे फेफड़ों को नुकसान हो रहा है। मुझे प्रदूषण के कारण थोड़ी परेशानी महसूस होती है, इसलिए लोगों को सुबह की सैर और साइकिल चलाने से बचना चाहिए क्योंकि प्रदूषण का स्तर अधिक है।”

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 1 से 3 के तहत प्रतिबंध लागू हैं और वायु गुणवत्ता की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए GRAP चरण IV को फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में आज हल्की बारिश होने की संभावना है जिसके बाद वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को एक बैठक की और प्रेस वार्ता में कहा, ”पराली जलाने की घटनाएं अब बहुत कम हैं और प्रदूषण का स्तर अभी भी बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों ने इसके लिए 2-3 कारक बताए हैं. पहला यह है कि वाहन प्रदूषण का योगदान 36 प्रतिशत है। दूसरा कारक बायोमास जलाना है। इसे देखने के बाद हमने कुछ बड़े फैसले लिए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *